छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति 2019-24 के अन्तर्गत प्रदेश में स्थापित किए जाने वाले उद्योगों के लिए औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन के कई आकर्षक प्रावधान किए गए है। इस नई उद्योग नीति से राज्य के जनजीवन में नई ऊर्जा का संचार होगी और प्रदेश में उद्यमिता का विकास होगा।
उद्योग विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राज्य में औद्योगिक नीति के उद्देश्यों की पूर्ति हेतु निर्धारित रणनीति अपनाते हुए उद्योगों की नवीन स्थापना, विद्यमान उद्योगों के विस्तार, विद्यमान उद्योगांे में प्रतिस्थापन-शवलीकरण (डायवर्सिफिकेशन) हेतु निवेश प्रोत्साहन के लिए इस औद्योगिक नीति में पात्र उद्योगों को, सामान्य, प्राथमिकता उद्योगों तथा उच्च प्राथमिकता उद्योगों की श्रेणी में विभिन्न निवेश प्रोत्साहन अनुदान, छूट, ¬¬¬रियायतें दी जाएगी। ब्याज अनुदान, स्थायी पूंजी लागत अनुदान (सूक्ष्म उद्योगों हेतु), नेट राज्य वस्तु एवं सेवा कर (नेट एसजीएसटी) प्रतिपूर्ति (लघु, मध्यम एवं वृहद उद्योगों हेतु), विद्युत शुल्क छूट (सूक्ष्म, लघु, मध्यम एवं वृहद उद्योगोें हेतु), स्टाम्प शुल्क से छूट, मंडी शुल्क से छूट (सूक्ष्म, लघु, मध्यम एवं वृहद उद्योगोें हेतु), परियोजना प्रतिवेदन अनुदान, भू-उपयोग में परिवर्तन शुल्क में छूट, औद्योगिक क्षेत्रों से बाहर (भूमि बैंक) भू-आबंटन सेवा शुल्क में रियायत, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के उद्यमियों को औद्योगिक क्षेत्रों में भू-आबंटन पर भू-प्रीमियम में छूट-रियायत (सूक्ष्म, लघु, मध्यम श्रेणी के उद्योगोें-उद्यमों के लिए), गुणवत्ता प्रमाणीकरण अनुदान, तकनीकी पेटेन्ट अनुदान, प्रौद्योगिकी क्रय अनुदान, मार्जिन मनी अनुदान, औद्योगिक पुरस्कार योजना, दिव्यांग (निःशक्त) रोजगार अनुदान, इनवायरमेंट मैनजमेंट प्रोजेक्ट अनुदान (पर्यावरणीय प्रोजेक्ट अनुदान), परिवहन अनुदान (केवल निर्यातोन्मुख उद्योगों हेतु), मेगा-अल्ट्रामेगा प्रोजेक्ट्स के लिए विशेष पैकेज का प्रावधान शामिल हैं।