समर्थन मूल्य पर कोदो-कुटकी और रागी

 समर्थन मूल्य पर कोदो-कुटकी और रागी की खरीदी  से किसानों को मिल रहा दोहरा लाभ

समर्थन मूल्य के साथ खुले बाजार में भी मिल रहा अच्छा दाम

प्रदेश में अब तक 25 हजार क्विंटल से अधिक कोदो-कुटकी और रागी का संग्रहण 

कोदो, कुटकी एवं रागी की खरीदी 15 फरवरी तक होगी

बेमेतरा जिले में भी होगी मिलेट्स की समर्थन मूल्य पर खरीदी: समीप की वनोपज प्राथमिक समिति क्षेत्र में जिले को शामिल करने की हो रही है कार्रवाई

कोदो, कुटकी एवं रागी की खरीदी 15 फरवरी तक होगी

 मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल की पहल पर प्रदेश में पहली बार इस वर्ष प्रारंभ की गई कोदो, कुटकी एवं रागी की समर्थन मूल्य पर खरीदी से किसानों को इन फसलों का अच्छा दाम मिल रहा है। किसानों को प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों में इन फसलों को बेचने से राज्य शासन द्वारा घोषित समर्थन मूल्य मिल रहा है। इसके साथ ही साथ खुले बाजार में भी पिछले वर्ष की तुलना में किसानों को ज्यादा कीमत मिल रही है। कुटकी की बाजार दर विगत वर्ष में 20-25 प्रति किलोग्राम थी, जबकि इस वर्ष किसान 33-35 प्रति किलोग्राम की दर से कुटकी बेच रहे हैं। राज्य शासन के इस फैसले से किसानों को दोहरा लाभ मिल रहा है। इससे किसानों का मिलेट फसलों को लेकर उत्साह बढ़ा है। आगामी वर्ष में कोदो, कुटकी एवं रागी की फसलों का क्षेत्रफल बढ़ाने में किसान रूचि दिखा रहे हैं। राज्य शासन द्वारा की गई इस पहल से आदिवासी क्षेत्रों में लघु-धान्य की खेती में वृद्धि हो रही है।
राज्य लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक श्री संजय शुक्ला से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों में 10 फरवरी तक 25 हजार 248.93 क्विंटल कोदो-कुटकी और रागी की समर्थन मूल्य पर खरीदी की गई है। जिसका अनुमानित मूल्य लगभग 8 करोड़ रूपए है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर प्रदेश में मिलेट्स के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मिलेट मिशन प्रारंभ किया गया है। जिसके तहत कोदो-कुटकी और रागी की समर्थन मूल्य पर खरीदी के साथ-साथ मिलेट्स के प्रसंस्करण और मार्केटिंग के प्रबंध भी किए जा रहे हैं।
प्रदेश में कोदो, कुटकी 30 रूपए प्रति किलोग्राम तथा रागी 33.77 रूपए प्रति किलोग्राम की दर से क्रय किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा 01 दिसम्बर से 31 जनवरी तक की अवधि में इन फसलों को खरीदने का निर्णय लिया गया था। सर्वप्रथम आदिवासी क्षेत्र में संग्रहण शुरू किया गया था, परन्तु अन्य क्षेत्रों मंे भी कोदो, कुटकी एवं रागी की फसल होती है, इसलिए 01 फरवरी 2022 को निर्णय लिया गया है कि छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ की समस्त प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के क्षेत्र मंे भी खरीदी की जाएगी। इसके साथ कोदो-कुटकी और रागी के लिए समर्थन मूल्य पर संग्रहण अवधि 15 फरवरी 2022 तक बढ़ा दी गई है।
राज्य शासन के कोदो-कुटकी और रागी की समर्थन मूल्य पर खरीदी के संबंध में 9 फरवरी 2022 को एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया, जिसके तहत  छत्तीसगढ़ राज्य के ऐसे क्षेत्र जहां कोदो, कुटकी एवं रागी का उत्पादन होता है, परंतु वह किसी प्राथमिक लघु वनोपज समिति अथवा जिला यूनियन के कार्यक्षेत्र के अंतर्गत नहीं आता है, ऐसे क्षेत्रों को समीपस्थ प्राथमिक लघु वनोपज समिति एवं जिला यूनियन में शामिल किया जाए और वहां भी इन फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी की जाए। बेमेतरा जिले के अंतर्गत लघु वनोपज संघ का कोई प्राथमिक समिति क्षेत्र नहीं है, परन्तु शासन के निर्णय अनुसार लघु वनोपज संघ द्वारा बेमेतरा जिले के अंतर्गत भी प्राथमिक समिति क्षेत्र का विस्तार किये जाने संबंधी कार्यवाही की जा रही है, ताकि बेमेतरा जिले में भी कोदो, कुटकी एवं रागी का संग्रहण किया जा सके।

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