विकास की राह में पिछड़े लोगों को समाज की मुख्य धारा में लाना हमारी जिम्मेदारी: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

बैर को अबैर और हिंसा को अहिंसा से किया जा सकता है समाप्त

सबकी सहभागिता से होगा नशा मुक्त समाज का निर्माण

 

विकास की राह में पिछड़े लोगों को समाज की मुख्य धारा में लाना हमारी जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश में ऐसे तबके जो विकास की राह में पीछे रह गए हैं उन्हें समाज की मुख्य धारा में लाने के लिए कार्य कर रही है। ऐसे तबकों को समाज की मुख्यधारा में लाना हमारी महती जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि मैं नशा मुक्त समाज का पक्षधर हूं। उन्होंने कहा कि अचानक शराब बंदी के पक्ष में न होकर सामाजिक जागरूकता और सबकी सहभागिता से नशा मुक्त समाज का निर्माण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के गुजरात, बिहार, हरियाणा और तमिलनाडु जैसे राज्यों में शराब बंदी हुई है, किन्तु कुछ राज्यों में इसको पुनः शुरू कर लिया गया है। इसका क्या कारण हो सकता है, इस पर भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री  बघेल आज यहां राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में राष्ट्रीय न्यूज चैनल आज तक द्वारा आयोजित ‘पंचायत छत्तीसगढ़’ कार्यक्रम में एंकर सुश्री श्वेता सिंह, अंजना ओम कश्यप और नेहा बाथम के सवालों का जवाब दे रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी जनहितैषी नीतियों के चलते लोगों का भरोसा जीता है। राज्य में खेती-किसानी से लेकर उद्योग-व्यापार सहित सभी क्षेत्रों में समृद्धि और खुशहाली आई है। छत्तीसगढ़ ने एक मॉडल राज्य के रूप में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं के तहत गरीबों और किसानों में 01 लाख 75 हजार करोड़ रूपए सीधे उनके खातों में अंतरण किए गए हैं। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था में उछाल और बाजार व्यवसाय में रौनक बनी रही हैं। कोरोनाकाल के महामारी में भी यहां मंदी की स्थिति नहीं देखनी पड़ी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरा शुरू से यह प्रयास रहा है कि छत्तीसगढ़ कि संस्कृति और परंपरा को संरक्षण और प्रोत्साहन मिले। सभी वर्ग और जाति के लोगों कि अपनी-अपनी मान्यता और परंपराएं है। सबको सम्मान मिले और सबका संरक्षण हो यही प्रयास हमनें किया है।
मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने कहा कि हमारी सरकार कि योजनाओं एवं कार्यक्रमों ने छत्तीसगढ़ के लोगों के जीवन में बदलाव और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के लोगों द्वारा पूर्व में चिटफंड कंपनियों में निवेश किए गए राशियों को वापस दिलाने के लिए भी जिम्मेदारी के साथ काम कर रही है। हमारी सरकार ने चिटफंड कंपनियों में निवेश करने वाले प्रदेश के लोगों के लगभग 40 करोड़ रूपए की राशि वापस दिलाने का काम किया है। चिटफंड कंपनियों की धोखाधड़ी का शिकार हुए निवेशकों को राशि लौटाने का काम निरंतर जारी है।
मुख्यमंत्री  बघेल ने सनातन धर्म के के संबंध में पूछे सवाल का जवाब देते हुए कहा कि जो प्राचीन है, जो अक्षुण्ण हो और जो सत्य है, वही सनातन है। प्राचीनकाल से ही सनातन संस्कृति चली आ रही है और आगे भी चलते रहेगी। उन्होंने कहा कि धर्म को विवाद का विषय नहीं बनाना चाहिए, क्योंकि बैर को बैर से, हिंसा को हिंसा से और क्रोध को क्रोध से खत्म नहीं किया जा सकता। बैर को अबैर से और हिंसा को अहिंसा से समाप्त किया जा सकता है। हमारी संस्कृति सबको साथ लेकर चलने की संस्कृति है। इसमें बैर और हिंसा का कोई स्थान नहीं है।

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