आसोदा पंचायत का स्कूल अब बलदेव प्रसाद वर्मा के नाम से जाना जाएगा

 

सरलता, सहजता और भाईचारा छत्तीसगढ़ की  पहचान: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

ग्राम कठिया में कुर्मी समाज और सतनामी समाज के भवन निर्माण के लिए
20-20 लाख रूपए की घोषणा

 

ग्राम कठिया में कुर्मी समाज और सतनामी समाज के भवन निर्माण के लिए  20-20 लाख रूपए की घोषणाआसोदा पंचायत का स्कूल अब बलदेव प्रसाद वर्मा के नाम से जाना जाएगाग्राम कठिया में कुर्मी समाज और सतनामी समाज के भवन निर्माण के लिए  20-20 लाख रूपए की घोषणाआसोदा पंचायत का स्कूल अब बलदेव प्रसाद वर्मा के नाम से जाना जाएगाग्राम कठिया में कुर्मी समाज और सतनामी समाज के भवन निर्माण के लिए  20-20 लाख रूपए की घोषणाआसोदा पंचायत का स्कूल अब बलदेव प्रसाद वर्मा के नाम से जाना जाएगा

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की मूल पहचान सरलता, सहजता और आपसी भाईचारा है। राज्य सरकार पुरखों के बताए हुए रास्ते  पर  चलकर  गरीबों, किसानों, मजदूरों सहित सभी वर्गों के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्राचीन समय में समाज में जो बुराई और कुसंगतिया थी, उसमें सुधार करने का दौर है। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल आज रायपुर जिले के आरंग विकासखंड के ग्राम कठिया (खौली) में आयोजित छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज चंदखुरी राज के 77वें वार्षिक अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने  समाज के पदाधिकारियों की मांग पर कुर्मी समाज के सामाजिक भवन के लिए 20 लाख रुपए और सतनामी समाज के सामाजिक भवन निर्माण के लिए 20 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने आसोदा पंचायत के स्कूल को बलदेव प्रसाद वर्मा के नाम पर करने की घोषणा की।  मुख्यमंत्री ने इस मौके पर समाज की प्रतिभाओं, समाजसेवियों, उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों एवं मेधावी छात्रों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि कुर्मी समाज ने एक प्रगतिशील समाज के रूप में आगे आकर सभी लोगों के विकास के लिए काम किया है। कोरोना काल में भी राज्य के सभी समाज के लोगों ने सेवा की मिसाल पेश की। किसी ने दवाई, किसी ने रहने की व्यवस्था, खाने की व्यवस्था, अस्पताल की व्यवस्था की। उन्होंने कहा कि देश की आजादी, शिक्षा के आंदोलन और छत्तीसगढ़ निर्माण में अपनी सहभागिता निभाई। डॉ. खूबचंद बघेल की दूरदर्शिता का यह परिणाम है कि आज छत्तीसगढ़ नए राज्य के रूप में विकसित हुआ और आज निरंतर विकास के पद पर आगे बढ़ रहा है। आज गरीब परिवार और गांव के बच्चे भी अंग्रेजी स्कूल में पढ़ रहे हैं और समाज को गढ़ने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। आज संस्कृति के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की देश में एक अलग पहचान बन चुकी है। देश का एकमात्र कौशल्या मंदिर चंदखुरी में है। अब हर साल यहां कौशल्या उत्सव मनाया जाएगा, जहां देश भर से कलाकार शामिल होंगे। राजिम को पहले कुंभ मेले के नाम से जाना जाता था, अब इसे राजिम माघी पुन्नी मेला के नाम से जाना जाता है। यह मेला 15 दिनों तक चलता है और यहां लोक कलाकार अपनी प्रस्तुति देते हैं। आज राजिम, शिवरीनारायण और डोंगरगढ़ सहित धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर ठहरने की व्यवस्था की गई है। आप यहां जाइए दर्शन करने के बाद रुके और आसपास घूमकर आइए।

नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया ने भी चंदखुरी राज के मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के वार्षिक अधिवेशन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में पूरे देश में प्रदेश का नाम रोशन हुआ है। पूरे देश में विकास के छत्तीसगढ़ मॉडल की चर्चा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गरीब, किसान, मजदूरों को आर्थिक रूप से सशक्त करने का काम कर रही है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना और भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के माध्यम से प्रदेश के किसानों को उपज की सर्वाधिक कीमत मिल रही है। भूमिहीन मजदूरों को सालाना 7 हजार रूपए की सहायता दी जा रही है, राज्य सरकार ने बिजली बिल हाफ योजना लागू की और गरीब-अमीर सबके लिए राशन उपलब्ध कराने का काम किया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर काम हो रहा है। डॉ. डहरिया ने गत दिनों भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा विभिन्न विकास कार्यों के लिए 100 करोड़ रूपए की स्वीकृति के लिए क्षेत्रवासियों की ओर से मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में समाज के प्रबुद्धजन चोवाराम वर्मा,  राम कुमार वर्मा, भोला राम वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष  डोमेश्वरी वर्मा, कठिया के सरपंच रूपेंद्र वर्मा, राजेश्वरी वर्मा सहित बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी और ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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