मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना की राशि हुई दोगुना

मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना से लाभान्वित होकर बुजुर्ग डिगेश्वर ने कहा बुढ़ापे में साथ देने मिली लाठी

बुजुर्ग डिगेश्वर ने कहा बुढ़ापे में साथ देने मिली लाठी

जिले के 15 बुजुर्ग श्रमिकों को 3 लाख रुपये का हुआ भुगतान, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना की राशि हुई दोगुना

छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा श्रमिकों के विकास को लेकर लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसी प्रयास के चलते प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने श्रमिकों के कल्याणार्थ अनेकों योजनाएं संचालित की हैं। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना शुरू की गयीं है। इस योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य में रहने वाले उन सभी श्रमिकों को आर्थिक मदद सरकार के द्वारा प्रदान की जाएगी, ताकि छत्तीसगढ़ राज्य के यह सभी कमजोर श्रमिक अपना जीवन अच्छे से व्यतीत कर सके। इस योजना का लाभ केवल पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को ही प्रदान करवाया जाएगा, जो कि 60 साल की उम्र पूर्ण कर चुके हैं तथा उन निर्माण श्रमिकों की मंडल सदस्यता अवश्य समाप्त हो चुकी है। कुछ समय पूर्व तक इस योजना के अंतर्गत राज्य सरकार श्रमिकों को केवल 10 हजार रुपए की आर्थिक मदद के रूप में प्रदान करती आ रही थी, किंतु अब मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना की उस धनराशि को दुगुना कर 20 हजार रुपए कर दिया गया है। बता दें जिले में अब तक मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजनांतर्गत 15 बुजुर्गां को 3 लाख रूपये का भुगतान किया जा चुका है। वहीं 8 आवेदन पर शीघ्र कार्यवाही कर उन्हें भी राशि का भुगतान किया जायेगा। धमतरी जिले के ग्राम पंचायत छाती के रहने वाले बुजुर्ग श्रमिक श्री डिगेश्वर दास वैरागी से बातचीत करने पर उन्होंने बताया कि ग्राम के आसपास रोजी-मजदूरी का काम कर वे अपना जीवन यापन करते रहे है। किन्तु अब उम्र के बढ़ जाने से उतनी ताकत नहीं है कि वे भारी काम कर सके। ऐसी स्थिति में उन्हें जीवन यापन में दिक्कत आने लगी थी। डिगेश्वर ने तत्काल सभी आवश्यक दस्तावेज अपने साथ लेकर श्रम कार्यालय में जाकर आवेदन प्रस्तुत किया। श्रम विभाग द्वारा जरूरी कार्यवाही कर बीते 1 मई को मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना अंतर्गत उनके खाते में एकमुश्त 20 हजार रूपये भेजे गए, जिसे पाकर डिगेश्वर काफी प्रसन्न हुआ।
श्री  डिगेश्वर ने बताया कि उनके 4 बच्चे हैं, जिनमें से 2 लड़कियों की शादी हो चुकी है, लड़का और एक लड़की अभी उसके साथ रहते हैं। दोनों बच्चे अभी पढ़ाई कर रहे हैं। योजना से मिले राशि का उपयोग वे बच्चों की पढ़ाई में खर्च करना चाहते हैं। डिगेश्वर ने बताया कि जीवन के अंतिम पड़ाव में जब हाथ-पैर जवाब दे रहें हों, ऐसी स्थिति में इतने पैसे एक साथ मिल जाने से ऐसा लगा, मानों बुढ़ापे में साथ देने के लिए किसी ने लाठी थमा दी हां। ऐसी जनकल्याणकारी योजना संचालित करने और बुजुर्गों का ध्यान रखने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का धन्यवाद कर रहे हैं। योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के श्रमिकां को आर्थिक मदद प्रदान करवाना है, जिससे वह अपना जीवन अच्छे से व्यतीत कर सके। योजना के संचालन की वजह से भी श्रमिकों की आर्थिक स्थिति में सुधार आ रहा है और श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी यह योजना कारगर साबित हो रही है। इस योजना के द्वारा श्रमिकों को लाभ लेने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से आवेदन किया जा सकता है। बशर्ते श्रमिक छत्तीसगढ़ राज्य का मूल निवासी होने के साथ-साथ वह कम से कम 3 साल से निर्माण श्रमिक के रूप में पंजीकृत होना आवश्यक है। इस योजना को प्राप्त करने के लिए 60 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके सभी श्रमिक पात्र होंगे। इस योजना की पात्रता हासिल करने के लिए श्रमिक का बैंक अकाउंट आधार कार्ड से लिंक होना बेहद आवश्यक है।

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