प्रदेश में चालू सीजन में साढ़े आठ लाख क्विंटल वनोपजों के संग्रहण का लक्ष्य – वन मंत्री श्री अकबर

प्रदेश में चालू सीजन में साढ़े आठ लाख क्विंटल वनोपजों के संग्रहण का लक्ष्य – वन मंत्री श्री अकबर

 

वनवासियों द्वारा अब तक लगभग 33 हजार क्विंटल वनोपजों का हुआ संग्रहण

वनमण्डल मरवाही में भी वनोपजों का संग्रहण शुरू

वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में राज्य में शासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए लघु वनोपजों संग्रहण का कार्य किया जा रहा है। इसके तहत अब तक प्रदेश में वनवासियों तथा ग्रामीणों द्वारा चालू सीजन के दौरान 8 करोड़ 74 लाख रूपए की राशि के 32 हजार 814 क्विंटल लघु वनोपजों का संग्रहण हो चुका है। वन मंत्री श्री अकबर ने बताया कि चालू सीजन के दौरान राज्य में 253 करोड़ रूपए की राशि से 8 लाख 46 हजार 920 क्विंटल लघु वनोपजों के संग्रहण का लक्ष्य है।
प्रमुख सचिव वन श्री मनोज कुमार पिंगुआ ने बताया कि इनमें निर्धारित लक्ष्य के तहत अब तक वनमंडलवार सबसे अधिक दक्षिण कोण्डागांव वनमंडल द्वारा 7083 क्विंटल और जिलेवार सबसे अधिक नारायणपुर जिले में 3016 क्विंटल लघु वनोपजों का संग्रहण हो चुका है। ग्रामीणों तथा वनवासियों द्वारा लघु वनोपजों के संग्रहण में शासन के दिशा-निर्देशों और लॉकडाउन के दौरान नियमों का शत-प्रतिशत पालन किया जा रहा है। प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ श्री संजय शुक्ला ने बताया कि राज्य में 11 अप्रैल 2020 तक संग्रहित वनोपजों में वनमंडलवार खैरागढ़ में 28.29 लाख रूपए की राशि के 876 क्विंटल, कवर्धा में 13 लाख रूपए की राशि के 545 क्विंटल और जगदलपुर में एक करोड़ 69 लाख रूपए की राशि के 5900 क्विंटल वनोपज शामिल हैं। इसी तरह वनमंडलवार दंतेवाड़ा में 119 लाख रूपए की राशि के 3942 क्विंटल, कांकेर में 18 लाख रूपए के 1038 क्विंटल, बिलासपुर में 7 लाख रूपए के 342 क्विंटल, बालोद में 9 लाख रूपए के 482 क्विंटल और बीजापुर में 17 लाख रूपए के 1047 क्विंटल वनोपजों का संग्रहण हो चुका है।
वनमंडलवार बलौदाबाजार में 13 लाख रूपए की राशि के 625 क्विंटल, पश्चिम भानुप्रतापपुर में 4 लाख रूपए के 298 क्विंटल, सुकमा में 18 लाख रूपए के 763 क्विंटल, रायगढ़ में 6 लाख रूपए के 396 क्विंटल तथा दक्षिण कोण्डागांव में 209 लाख रूपए के 7083 क्विंटल वनोपजों का संग्रहण कर लिया गया है। वनमंडल नारायणपुर में 90 लाख रूपए के 3015 क्विंटल, कोरबा में 7 लाख रूपए के 328 क्विंटल, पूर्व भानुप्रतापपुर में 11 लाख रूपए के 453 क्विंटल, राजनांदगांव में एक लाख रूपए के 81 क्विंटल तथा धमतरी में 9 लाख रूपए के 404 क्विंटल वनोपजों का संग्रहण हो चुका है। वनमंडलवार कटघोरा में 5 लाख रूपए के 259 क्विंटल, केशकाल में 89 लाख रूपए के 3171 क्विंटल, गरियाबंद में 10 लाख रूपए के 443 क्विंटल, जशपुर में 5 लाख रूपए के 280 क्विंटल, महासमुंद में 2 लाख रूपए के 114 क्विंटल और सरगुजा में दो लाख रूपए के 113 क्विंटल वनोपजों का संग्रहण कर लिया गया है। इसी तरह वनमंडलवार सूरजपुर में 3 लाख रूपए के 161 क्विंटल, बलरामपुर में 3 लाख रूपए के 164 क्विंटल, कोरिया में 2 लाख रूपए के 146 क्विंटल, धरमजयगढ़ में 3 लाख रूपए के 217 क्विंटल और मनेन्द्रगढ़ में लगभग 2 लाख रूपए की राशि के 102 क्विंटल तथा मरवाही में 26 हजार रूपए की राशि से 26 क्विंटल लघु वनोपजों का संग्रहण हो चुका है।

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