छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण के लिए हुए अनुकरणीय कार्य:  प्रियंका गांधी

महिला समृद्धि सम्मेलन

जयंती स्टेडियम में विभागीय प्रदर्शनी का मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और श्रीमती प्रियंका गांधी ने किया अवलोकन

 

महिला समृद्धि सम्मेलन कार्यक्रम में शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों से संबंधित लगाई गई प्रदर्शनी का मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और श्रीमती प्रियंका गांधी ने अवलोकन किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण और महिलाओं के समग्र विकास के लिए चलाई जा रही नवाचारी योजनाओं की सराहना की और इसे अनुकरणीय बताया। दुर्ग जिले के भिलाई नगर स्थित जयंती स्टेडियम में 11 विभागों की प्रदर्शनी लगाई गई थी। प्रदर्शनी के अवलोकन के दौरान श्रीमती गांधी महिलाओं के साथ सुआ नृत्य में शामिल होकर उनका उत्साहवर्धन भी किया।

जयंती स्टेडियम में विभागीय प्रदर्शनी के अवलोकन के दौरान श्रीमती प्रियंका गांधी ने छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्र में चलाए जा रहे हाट-बाजार क्लीनिक और सुपोषण अभियान की तारीफ की। उन्होंने हाट बाजार क्लीनिक योजना की सराहना करते हुए कहा कि प्रारंभिक रूप से ही बीमारियों को रोकने के लिए छत्तीसगढ़ शासन की यह पहल बहुत अच्छी है। इसी प्रकार उन्होंने मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार छत्तीसगढ़ को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रही है, जमीनी स्तर पर योजनाओं के बेहतर और प्रभावी क्रियान्वयन से कुपोषण दूर हो रहा है।


श्रीमती गांधी ने महिलाओं के लिए छत्तीसगढ़ में रोजगार के नए-नए अवसरों सी-मार्ट, गोधन न्याय योजना जैसी नवाचारी योजनाओं की भी प्रशंसा की। प्रदर्शनी में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए चलाई जा रही योजनाएं गोधन न्याय योजना, सुराजी गांव योजना, महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क, सी-मार्ट के साथ ही अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं जैसे हमर लैब, दाई-दीदी क्लीनिक, स्वामी आत्मानंद स्कूल, धन्वंतरी जेनरिक मेडिकल स्टोर्स और छत्तीसगढ़िया संस्कृति तथा छत्तीसगढ़िया ओलंपिक से संबंधित स्टॉल लगाए गए थे।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल एवं श्रीमती प्रियंका गांधी ने डेनेक्स और बी.पी.ओ. के स्टॉल में भी महिलाओं से चर्चा की। डेनेक्स द्वारा उत्पादित गारमेंट्स की विस्तार से जानकारी महिलाओं ने दी। बीपीओ में कार्यरत महिलाओं ने बताया कि 10 करोड़ रुपए की लागत से खुर्सीपार में बीपीओ तैयार किया गया है। इससेे बड़ी संख्या में महिलाओं को रोजगार मिला है। उल्लेखनीय है कि युवाओं के लिए अपने शहर में ही रहकर देश-दुनिया के अवसरों से जोड़ने बीपीओ की पहल की गई है। इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। खासकर महिला सशक्तिकरण की दिशा में यह बड़ी पहल है।

गोधन न्याय योजना की स्टॉल में श्रीमती गांधी ने महिलाओं से गौठान, रीपा और गोधन न्याय योजना से मिल रहे फायदों के बारे में चर्चा की। महिलाओं ने बताया कि रीपा के माध्यम से उद्यम के नये अवसरों को बढ़ावा मिला है और ग्रामीण क्षेत्रों में लघु और कुटीर उद्योग की गतिविधियां बढ़ रही हैं। गोधन न्याय योजना से जहां पशुपालन को बढ़ावा मिल रहा है वहीं गोबर से वर्मी खाद बनाने के कार्य में बड़ी संख्या में महिलाओं को रोजगार मिल रहा है। महिलाओं ने राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, समृद्धि योजना, पोषण बाड़ी सहित अन्य योजनाओं की विस्तार से जानकारी देते हुए कुपोषण दूर करने के उपाय के संबंध में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बारे में भी बताया।



सी-मार्ट को सराहा

स्वसहायता समूहों द्वारा उत्पादित की गई वस्तुओं की बिक्री के लिए शुरू किए गए सी-मार्ट के बारे में महिलाओं ने श्रीमती गांधी को बताया कि छत्तीसगढ़ के यूनिक उत्पाद यहां मिलते हैं। दंतेवाड़ा के जैविक चावल से लेकर जशपुर की चाय तक सब कुछ छत्तीसगढ़ के स्पेशल प्रोडक्ट यहां उपलब्ध है। श्रीमती गांधी ने इस पर खुशी जाहिर की और कहा कि स्थानीय उत्पादों की इस तरह से मार्केंटिंग कर इन्हें बाजार में अच्छी जगह दिलाने की पहल से निश्चित ही आर्थिक समृद्धि महिलाओं तक पहुँच रही है। मिलेट कैफे के अवलोकन के दौरान महिलाओं ने कैफे में मिलेट से तैयार होने वाले तरह-तरह के व्यंजनों के बारे में बताया। समूह की महिलाओं ने श्रीमती गांधी को बताया कि मिलेट कैफे में कोदो, कुटकी, रागी जैसे पोषक आहार से पारंपरिक व्यंजनों के साथ ही तरह तरह के व्यंजन परोसे जाते हैं। यह व्यंजन पौष्टिक होने के कारण तेजी से लोकप्रिय हो रहे है। श्रीमती गांधी ने हमर लैब, हाट बाजार क्लीनिक के स्टाल को भी देखा। हमर लैब के माध्यम से 55 टेस्ट निःशुल्क किये जा रहे हैं। इसमें से ऐसे बहुत से टेस्ट हैं जिनकी सुविधा केवल महानगरों में उपलब्ध होती है। इससे समय भी बच रहा है और पैसे भी। श्रीमती गांधी ने राज्य सरकार के इस पहल की प्रशंसा की है।

सुआ नृत्य में शामिल हुई प्रियंका गांधी

जयंती स्टेडियम में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक सुआ नृत्य करती महिलाओं को देखकर श्रीमती प्रियंका गांधी अपने आप को नहीं रोक सकी और महिलाओं के साथ नृत्य में शामिल हुई। श्रीमती गांधी को अपने बीच पाकर खुशी से महिलाओं का उत्साह और बढ़ गया। महिलाओं ने श्रीमती गांधी के साथ सेल्फी भी ली। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में सुआ नाच बेहद लोकप्रिय है। दीपावली के आसपास सुवा को एक टोकरी में रखकर महिलाएं यह नृत्य करती हैं। इसके माध्यम से वे अपने सुखदुख साझा करती हैं। सुआ गीत के माध्यम से वे अपनी आवाज की भी अभिव्यक्ति करती हैं और अपने समय के समाज के बारे में भी बताती हैं। तोते के जैसे हरे वस्त्रों में समूह के साथ किया गया यह नृत्य बेहद आकर्षक होता है।

भौंरा खेलने वाली बात सुनकर मुस्कुराई श्रीमती गांधी
महिला समृद्धि सम्मेलन में शामिल हुई श्रीमती प्रियंका गांधी ने उत्साह से महिलाओं के साथ भौंरा चलाया। श्रीमती गांधी को भौंरा चलाते देख महिलाएं भी उनकी खुशी में शामिल हुई। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने मुख्य मंच से अपने संबोधन के दौरान श्रीमती प्रियंका गांधी के भौंरा चलाने की कुशलता की जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मुझे लगा वे ठीक तरीके से भौंरा नहीं चला पाएंगी लेकिन उन्होंने बहुत बढ़िया तरीके से भौंरा चलाया, मैं खुद हैरान रह गया। इस बात को सुनकर श्रीमती प्रियंका गांधी ने भी मुस्कुराकर अपनी प्रतिक्रिया दी।

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