देश की सबसे बहादुर पुलिस बलों में से है छत्तीसगढ़ पुलिस – केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह

राष्ट्रपति निशान हमारे जवानों की कर्तव्यनिष्ठा, साहस और समर्पण का प्रतीक – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए ऐतिहासिक दिन : गृह मंत्री अमित शाह ने सौंपा राष्ट्रपति निशान

छत्तीसगढ़ पुलिस की 24 वर्षों की सेवा का सम्मान, यह गौरव हासिल करने वाला देश का सबसे युवा राज्य है छत्तीसगढ़

राष्ट्रपति निशान हमारे जवानों की कर्तव्यनिष्ठा, साहस और समर्पण का प्रतीक – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

राष्ट्रपति निशान हमारे जवानों की कर्तव्यनिष्ठा, साहस और समर्पण का प्रतीक – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

राष्ट्रपति निशान हमारे जवानों की कर्तव्यनिष्ठा, साहस और समर्पण का प्रतीक – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित बेहद गरिमामय कार्यक्रम में राज्य की पुलिस को राष्ट्रपति निशान (पुलिस कलर्स अवार्ड-2024) सौंपा। यह देश के सशस्त्र बलों को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। विगत 24 वर्षों में छत्तीसगढ़ पुलिस की असाधारण सेवाओं, बहादुरी और कर्तव्यपरायणता के लिए राज्य को यह सम्मान मिला है। छत्तीसगढ़ यह सम्मान हासिल करने वाला देश का सबसे युवा राज्य है, जिसने अपने गठन के मात्र 24 वर्षों में ही यह उपलब्धि हासिल की है।

गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रपति निशान अलंकरण समारोह में छत्तीसगढ़ पुलिस को बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रपति का पुलिस कलर्स अवार्ड केवल एक सम्मान नहीं है, यह सेवा और कर्तव्य का प्रतीक है। छत्तीसगढ़ पुलिस ने नक्सलवाद, संगठित अपराध और मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई में जो साहस और प्रतिबद्धता दिखाई है, वह अभूतपूर्व है। छत्तीसगढ़ पुलिस देश के सर्वश्रेष्ठ और बहादुर पुलिस बलों में से एक बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार छत्तीसगढ़ और देश को नक्सलमुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ और देश से नक्सलवाद का पूर्णतः खात्मा हो जाएगा। श्री शाह ने छत्तीसगढ़ पुलिस की तारीफ करते हुए कहा कि इसने न केवल कानून और व्यवस्था को बनाए रखा है, बल्कि जनता के विश्वास को भी मजबूत किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति का पुलिस कलर्स अवार्ड पुलिस बल के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा, उनका हौसला और मनोबल बढ़ाएगा।

केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जांबाज पुलिस को राष्ट्रपति निशान सौंपना मेरे लिए भी गर्व की बात है। यह सम्मान छत्तीसगढ़ की पुलिस की कड़ी मेहनत, समर्पण और जनता के प्रति लगाव का द्योतक है। छत्तीसगढ़ की पुलिस नक्सलियों के ताबूत में आखिरी कील ठोंकने की तैयारी में है। यहां की पुलिस ने कानून-व्यवस्था और नक्सल मोर्च के साथ ही कोरोना महामारी में भी बहुत अच्छा काम किया है। उन्होंने नक्सलियों से हथियार छोड़कर मुख्य धारा में लौटने की अपील की। श्री शाह ने समारोह में देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल को आज उनकी पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि सरदार पटेल ने देश को एकता के सूत्र में पिरोने का जो कार्य किया, उसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अनुच्छेद-370 को हटाकर और मजबूत किया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों और अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के केवल 24 वर्षों में हमारे पुलिस बल को उनकी असाधारण सेवाओं और जनता के प्रति समर्पण के लिए मिला है। यह सम्मान न केवल पुलिस बल के मनोबल को बढ़ाएगा, बल्कि उन्हें और अधिक उत्साह के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।

मुख्यमंत्री ने एंटी-नक्सल ऑपरेशनों में छत्तीसगढ़ पुलिस की सफलता पर कहा कि बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्य धारा में लौटने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास की बेहतर व्यवस्था और विशेष प्रावधान सरकार द्वारा किए गए हैं। भारत सरकार की नीति के अनुरूप हिंसा का रास्ता छोड़ आत्मसमर्पण करने वालों को तत्काल ट्रांजिट कैम्प में रखने की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही उन्हें तीन साल तक 10 हजार रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड के तौर पर देने की व्यवस्था की गई है। उनके कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।

साय ने कहा कि पुनर्वास नीति के तहत 5 लाख या उससे अधिक के इनामी माओवादी के आत्मसमर्पण करने पर उन्हें आवास हेतु शहरी क्षेत्र में अधिकतम 4 डिसमिल जमीन या ग्रामीण क्षेत्र में अधिकतम 1 हेक्टेयर कृषि भूमि दिए जाने का प्रावधान किया गया है। प्रदेश के आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और उन्हें सुरक्षित जीवन प्रदान करने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार द्वारा इनके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 15,000 पक्के आवास स्वीकृत किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की पुलिस द्वारा महिलाओं की सुरक्षा के लिए शुरू किए गए ‘महिला थाना’, महिला हेल्प डेस्क और ‘अभिव्यक्ति’ ऐप जैसे प्रयास उनकी संवेदनशीलता और जनता के प्रति उनके समर्पण को दर्शाते हैं।

उप मुख्यमंत्री तथा गृह मंत्री विजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रपति निशान छत्तीसगढ़ पुलिस के साहस, सेवा और कर्तव्यपरायणता का सशक्त प्रतीक है। राष्ट्रपति पुलिस निशान का यह अलंकरण न केवल पुलिस बल को गर्वित करता है, बल्कि उन्हें नई ऊर्जा और उत्साह के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा। राज्य की पुलिस ने यह सिद्ध किया है कि वह दुर्जनों के लिए भय और सज्जनों के लिए सम्मान का पर्याय है।

पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा ने अपने स्वागत भाषण में छत्तीसगढ़ पुलिस की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि 1 नवम्बर 2000 को राज्य की स्थापना के बाद से पुलिस बल ने हर मोर्चे पर साहस और दृढ़ता का परिचय दिया है। उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे एंटी-नक्सल ऑपरेशनों, पुनर्वास नीतियों और मादक पदार्थों के खिलाफ अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस जनता की सेवा में हर समय तत्पर रही है।

राष्ट्रपति निशान अलंकरण समारोह में परेड द्वारा मुख्य अतिथि श्री अमित शाह को सलामी दी गई। शाह ने सलामी के बाद परेड का निरीक्षण किया। महिला और पुरुष प्लाटून द्वारा मार्चपास्ट भी किया गया। मुख्य अतिथि श्री शाह ने धर्मगुरूओं द्वारा मंत्रोच्चार के बाद आकाश में तिरंगे गुब्बारों और शानदार आतिशबाजी के बीच छत्तीसगढ़ पुलिस को राष्ट्रपति निशान सौंपा। उन्होंने कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पुलिस की 24 वर्षों के सफर पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, केंद्रीय गृह सचिव  गोविंद मोहन और आसूचना ब्यूरो के निदेशक तपन कुमार डेका सहित पुलिस प्रशासन के अधिकारी, जवान और शहीद जवानों के परिजन बड़ी संख्या में समारोह में उपस्थित थे। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री विवेकानंद ने अतिथियों के प्रति आभार प्रदर्शन किया।

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