प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मातृ स्वास्थ्य को मिला संबल

महासमुंद जिले की हजारों माताएं हो रहीं लाभान्वित

केंद्र सरकार द्वारा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, जिले में महिलाओं के लिए एक सहारा साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से गर्भवती एवं धात्री माताओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें गर्भावस्था के दौरान बेहतर पोषण, स्वास्थ्य जांच और देखभाल के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह योजना देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनकल्याणकारी योजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य माताओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य को सुरक्षित करना है।

महासमुंद जिले में इस योजना के तहत वर्ष 2025-26 में अब तक 4928 हितग्राही नामांकित हैं। योजना के अंतर्गत प्रथम संतान के लिए 3914 महिलाओं को प्रथम किस्त की राशि प्रदान की जा चुकी है, जबकि 3532 महिलाओं को द्वितीय किस्त का भुगतान भी किया गया है। इसके साथ ही योजना के प्रावधानों के अनुसार द्वितीय बालिका के जन्म पर 812 महिलाओं को भी आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। योजना अंतर्गत पंजीयन के बाद गर्भावस्था के सातवें माह में 3000 रुपए और प्रसव के बाद साढ़े तीन माह बाद बच्चे को टीका लगने के पश्चात 2000 रुपए प्रदान किए जाते हैं। वहीं डिलीवरी में यदि बालिका जन्म लेती है, तो माताओं को 6000 रुपए की विशेष प्रोत्साहन राशि दी जाती है, एक पहल जो बेटियों के जन्म को सम्मान और सुरक्षा देती है।

जिले में योजना अंतर्गत इस वर्ष प्रथम संतान के लिए जारी प्रथम किस्त की भुगतान राशि से 3914 महिला हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। इस क्रम में महासमुंद शहरी क्षेत्र की 292 महिला हितग्राही, महासमुंद ग्रामीण क्षेत्र की 822 हितग्राही, बागबाहरा विकासखण्ड की 860 हितग्राही, पिथौरा विकासखण्ड की 579 हितग्राही, बसना विकासखण्ड की 764 हितग्राही तथा सरायपाली विकासखण्ड की 597 महिला हितग्राहियों को प्रथम किस्त की राशि प्रदान की गई है। इसी तरह योजना अंतर्गत द्वितीय किस्त के भुगतान से 3532 महिला हितग्राही लाभान्वित हुई हैं। इसमें महासमुंद शहरी क्षेत्र की 214 महिला हितग्राही, महासमुंद ग्रामीण क्षेत्र की 615 हितग्राही, बागबाहरा विकासखण्ड की 796 हितग्राही, पिथौरा विकासखण्ड की 492 हितग्राही, बसना विकासखण्ड की 763 हितग्राही तथा सरायपाली विकासखण्ड की 652 महिला हितग्राहियों को द्वितीय किस्त की राशि प्रदान की गई है। इसके अलावा द्वितीय बालिका के जन्म पर प्रोत्साहन स्वरूप योजना के अंतर्गत भुगतान किए गए हितग्राहियों में महासमुंद शहरी क्षेत्र की 72 महिला हितग्राही शामिल हैं। वहीं बागबाहरा विकासखण्ड की 171, पिथौरा विकासखण्ड की 96, बसना विकासखण्ड की 160 तथा सरायपाली विकासखण्ड की 100 महिला हितग्राहियों को योजना के तहत निर्धारित राशि का भुगतान कर लाभान्वित किया गया है।

योजना से लाभान्वित माताओं ने कहा कि इस आर्थिक सहयोग से गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच और आवश्यक देखभाल करना आसान हुआ है। इससे न केवल माताओं का स्वास्थ्य बेहतर हुआ है बल्कि नवजात शिशुओं के सुरक्षित जन्म और स्वस्थ भविष्य को भी मजबूती मिली है।
महिला बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से लगातार पात्र हितग्राहियों का पंजीयन कराया जा रहा है तथा उन्हें योजना का लाभ दिलाने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। शासन की मंशानुरूप जिले की प्रत्येक पात्र गर्भवती महिला को योजना से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि कोई भी पात्र महिला इस योजना के लाभ से वंचित न रहे।

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