‘एग्री टेक मिलन’ में जुटे सैकड़ों कृषि अभियंता

कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय का प्रथम एल्यूमिनी मीट प्रारंभ

छात्र संघ के पदाधिकारियों को पद एवं  गोपनीयता की शपथ भी दिलाई गई

कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय का प्रथम एल्यूमिनी मीट प्रारंभ

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित स्वामी विवेकानंद अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय एल्युमिनाई मीट ”एग्री टेक मिलन 2026“ में महाविद्यालय के सैकड़ों पूर्व छात्र-छात्राएं शामिल हुए। इस एल्युमिनाई मीट में छत्तीसगढ़ के अलावा देश के अन्य राज्यों से भी कई पूर्व छात्रों ने शिरकत की। कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में पहली बार आयोजित इस एल्युमिनाई मीट में विगत 28 वर्षों में महाविद्यालय से उत्तीर्ण छात्र-छात्राएं शामिल हुए। इस अवसर पर दो दिवसीय प्रौद्योगिकी प्रदर्शन मेला भी आयोजित किया गया जिसमें कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय द्वारा विकसित विभिन्न किसानोपयोगी नवीन प्रौद्यौगिकियां प्रदर्शित की गई। एग्री टेक मिलन 2026 का शुभारंभ इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने किया। समारोह की अध्यक्षता कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अजय वर्मा ने की। इस अवसर पर महाविद्यालय के छात्र संघ 2026 के पदाधिकारियों को पद एवं गोपनियता की शपथ भी दिलाई गई।

एल्युमिनाई मीट का शुभारंभ करते हुए कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि आज यह एक ऐतिहासिक अवसर है जब स्वामी विवेकानंद प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में पहली बार भूतपूर्व छात्र-छात्राओं का मिलन समारोह आयोजित किया जा रहा है। यह इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि इस मिलन समारोह में विविध क्षेत्रों में सफल हो चुके पूर्व विद्यार्थियों को देख कर प्रसन्न्ता हो रही है विशेषकर उन छात्रों से जिन्होंने उद्योग एवं व्यवसाय के क्षेत्र में स्वरोजगार स्थापित कर अन्य लोगों को भी रोजगार प्रदान किया है। डॉ. चंदेल ने कहा कि कृषि अभियांत्रिकी कृषि की रीढ़ है। उन्नत एवं नवाचारी कृषि में कृषि यंत्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा जारी विकसित भारत /2047 विजन डाक्यूमेंट में विकसित भारत के निर्माण हेतु कृषि अभियांत्रिकी को तीसरा सबसे महत्वपूर्ण साधन बताया गया है। डॉ. चंदेल ने आव्हान किया कि कृषि में यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए किसानों को कृषि यंत्रों के उपयोग हेतु प्रोत्साहित करें। उन्होंने महाविद्यालय में वर्तमान में अध्यनरत छात्रों से कहा कि वे विभिन्न क्षेत्रों में सफल पूर्व छात्रों से मिलकर उनके ज्ञान एवं अनुभव का लाभ प्राप्त करें।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए स्वामी विवेकानंद कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अजय वर्मा ने कहा कि महाविद्यालय में पहली बार एल्युमिनाई मीट का आयोजन किया जा रहा है जिसमें इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत विगत 28 वर्षों में कृषि अभियांत्रिकी की पढ़ाई कर चुके भूतपूर्व विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं। इन पूर्व विद्यार्थियों में से अनेक विद्यार्थी संघ लोक सेवा आयोग तथा राज्य लोक सेवा आयोगों के माध्यम से भारत सरकार एवं विभिन्न राज्य सरकारों में वरिष्ठ प्रशासनिक पदों पर आसीन हैं। इसके अलावा कुछ भूतपूर्व छात्र प्रतिष्ठित औद्योगिक तथा व्यवसायिक संस्थानों में निदेशक अथवा वरिष्ठ अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। अनेक विद्यार्थियों ने स्टार्टअप स्थापित कर अन्य लोगों को रोजगार प्रदान किया है। इसके अलावा लगभग 100 भूतपूर्व विद्यार्थी विभिन्न विश्वविद्यालयो में निदेशक, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक एवं वैज्ञानिक के रूप में योगदान दे रहे हैं। डॉ. वर्मा ने बताया कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में वर्ष 1997 में कृषि अभियांत्रिकी संकाय की स्थापना की गई थी जिसके अंतर्गत एम. टेक पाठ्यक्रम प्रारंभ किये गये थे। वर्ष 2008 में शोध पाठ्यक्रम शुरू किए गए। वर्ष 2014 में स्वामी विवेकानंद कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय की स्थापना के साथ कृषि अभियांत्रिकी के क्षेत्र में विभिन्न स्नातक पाठय्क्रम प्रारंभ किये गए। डॉ. वर्मा ने बताया कि कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय द्वारा अब तक 97 नवीन प्रौद्योगिकी विकसित की गई है तथा 32 डिजाईन पेटेंट प्राप्त किये गए हैं।

एग्री टेक मिलन 2026 समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में सफल भूतपूर्व छात्र-छात्राएं शामिल हुए जिनमें श्री अतुल पाठक, अधीक्षण अभियंता जल संसाधन विभाग उत्तराखण्ड,  प्रितेश राजपूत डिप्टी कलेक्टर जिला सक्ति छत्तीसगढ़, श्रीमति वंदना चुरेन्द्र, निदेशक कोयतुर फिश फार्मिंग,  प्रशांत सुब्रमण्यम, निदेशक कैप्स आईसक्रीम रायपुर तथा सुश्री श्रेया जैन एशोसिएट मैनेजर बालको कोरबा प्रमुख हैं।

इस अवसर पर कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा, निदेशक शिक्षण डॉ. ए.के. दवे, संचालक अनुसंधान डॉ. वी. के. त्रिपाठी, निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. एस. एस. टूटेजा, अपर संचालक कृषि अभियांत्रिकी विभाग श्री जी. के. पीढ़िया, प्रगतिशील कृषक  बिसेश्वर साहू एवं डॉ. एम.पी. त्रिपाठी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में प्राध्यापक डॉ. आर.के. नायक ने अतिथियों के प्रति आभार प्रकट किया।

Understanding the deep cultural and historical roots that connect a region to its people requires focus and mental clarity, and after processing such rich information, the brain often craves a different kind of stimulation to unwind. Switching from analytical reading to a more dynamic environment helps restore emotional balance, and many readers find that exploring the gaming sections on Roobet offers a reliable way to release adrenaline in a secure setting. The platform prioritizes user safety and legal compliance, providing round-the-clock support and a transparent system where real players share their experiences, ensuring that your downtime remains both entertaining and protected.

Translate »