पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति को लेकर प्रशासन सतर्क, अफवाहों से बचने की अपील

कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध, घबराने की जरूरत नहीं

अवैध संग्रहण पर सख्त कार्रवाई और शिकायतों के त्वरित निराकरण के निर्देश

पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति को लेकर प्रशासन सतर्क, अफवाहों से बचने की अपील

राज्य में पेट्रोलियम पदार्थों की नियमित उपलब्धता और सुचारू वितरण सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन सतर्क है। छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा जारी निर्देशों के परिपालन में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने जिले के संबंधित विभागों और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में घरेलू एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है, इसलिए आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी से प्रभावित होने की आवश्यकता नहीं है।

कलेक्टर चतुर्वेदी ने कहा कि ऑयल कंपनियों के पास इन पेट्रोलियम पदार्थों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और उनकी नियमित आपूर्ति जारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस संबंध में आम जनता के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अनावश्यक रूप से एलपीजी की ऑनलाइन बुकिंग या पेट्रोल-डीजल के अनावश्यक संग्रहण जैसी स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने बताया कि ऑयल कंपनियों और जिलों में उपलब्ध एलपीजी, पेट्रोल एवं डीजल के स्टॉक की दैनिक जानकारी खाद्य विभाग के मॉड्यूल के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है। इसके आधार पर प्रतिदिन जिले में प्राप्त स्टॉक, विक्रय मात्रा तथा शेष उपलब्धता की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार कार्रवाई की जाएगी, जिससे आपूर्ति व्यवस्था सुचारू बनी रहे।

कलेक्टर ने खाद्य विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमों को एलपीजी, पेट्रोल और डीजल के अवैध संग्रहण तथा दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण रखने के निर्देश दिए हैं। संदिग्ध स्थलों की पहचान कर नियमित जांच एवं आवश्यकतानुसार छापेमारी की कार्रवाई करने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही आम उपभोक्ताओं को पेट्रोलियम पदार्थों की प्राप्ति में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर शिकायत दर्ज कराने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इसके लिए खाद्य विभाग के कॉल सेंटर नंबर 1800-233-3663 और 1967 के अलावा राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम नंबर 0771-2511975 पर संपर्क किया जा सकता है। जिलों में भी जिला स्तरीय कंट्रोल रूम गठित कर उनके नंबर आम जनता को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टर ने कहा कि विभागीय कॉल सेंटर में दर्ज शिकायतों का निराकरण संबंधित खाद्य नियंत्रक, खाद्य अधिकारी तथा ऑयल कंपनियों के जिला समन्वयक द्वारा 24 घंटे के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही की गई कार्रवाई की जानकारी विभागीय डैशबोर्ड में तत्काल दर्ज की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि भारत सरकार एवं ऑयल कंपनियों द्वारा समय-समय पर जारी एलपीजी बुकिंग, वितरण और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों को सभी एलपीजी वितरकों, उचित मूल्य दुकानों तथा अन्य आवश्यक स्थानों पर प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं की स्पष्ट जानकारी मिल सके।

कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को शासन द्वारा जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने तथा इसकी जानकारी शीघ्र विभाग को प्रेषित करने के निर्देश भी दिए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों से दूर रहें और आवश्यकतानुसार ही पेट्रोलियम पदार्थों का उपयोग करें, जिससे आपूर्ति व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित होती रहे।

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