प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘दिव्यांग’ शब्द देकर सम्मान और आत्मगौरव का नया भाव दिया : मुख्यमंत्री
प्रोजेक्ट ‘सहारा’ के तहत 3.58 करोड़ रुपये के सहायक उपकरणों का वितरण, 1739 दिव्यांगजन हुए लाभान्वित
बलबीर सिंह जुनेजा स्टेडियम के जीर्णोद्धार, मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण के लिए 7 करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा


किसी भी संवेदनशील और विकसित समाज की पहचान इस बात से होती है कि वहां प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर, सम्मान और आगे बढ़ने का अधिकार मिले। दिव्यांगजन समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और उनकी प्रतिभा, क्षमता तथा आत्मविश्वास को सही अवसर उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। राज्य सरकार इसी सोच के साथ दिव्यांगजनों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक अपना योगदान दे सकें।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित प्रोजेक्ट ‘सहारा’ के अंतर्गत दिव्यांगजन सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने दिव्यांगजनों के प्रति देश की सोच में सकारात्मक परिवर्तन लाने का ऐतिहासिक कार्य किया है। उन्होंने केवल कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार ही नहीं किया, बल्कि उन्हें ‘दिव्यांग’ कहकर सम्मान और आत्मगौरव का नया भाव भी दिया। यह परिवर्तन केवल शब्दों का नहीं, बल्कि समाज की सोच और दृष्टिकोण का परिवर्तन है। प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार भी दिव्यांगजनों के जीवन को अधिक सुगम, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर इंडोर स्टेडियम के जीर्णोद्धार, मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण के लिए 7 करोड़ रुपये की राशि प्रदान किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि खेल अधोसंरचना का विकास केवल खिलाड़ियों के लिए ही नहीं, बल्कि ऐसे सामाजिक और जनहितकारी आयोजनों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बड़ी संख्या में दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राई साइकिल, ट्राई साइकिल, व्हीलचेयर, हियरिंग एड, कृत्रिम हाथ-पैर, वैशाखी, वॉकिंग स्टिक तथा अन्य आधुनिक सहायक उपकरण वितरित किए। उन्होंने हितग्राहियों से आत्मीय संवाद करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया और कहा कि ये उपकरण केवल सहायता सामग्री नहीं हैं, बल्कि आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और स्वावलंबन की नई शुरुआत हैं। इनकी सहायता से दिव्यांगजन शिक्षा, रोजगार, आवागमन और दैनिक जीवन के कार्यों में अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगे तथा समाज की मुख्यधारा से और अधिक मजबूती से जुड़ पाएंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम की शुरुआत में प्रदेशवासियों को सावन माह के प्रथम सोमवार की शुभकामनाएं देते हुए भगवान भोलेनाथ से प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और सभी नागरिकों के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति सेवा, करुणा और मानवता का संदेश देती है तथा समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों की सहायता करना हम सभी का दायित्व है।
मुख्यमंत्री श्साय ने कहा कि रायपुर जिले में विशेष अभियान चलाकर दिव्यांगजनों की व्यापक स्क्रीनिंग की गई, जिसमें 1600 से अधिक दिव्यांगजनों की पहचान की गई। इस महत्वाकांक्षी पहल के लिए भारत सरकार से 3 करोड़ 58 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है।