मोबाइल मेडिकल यूनिट भी तैनात


पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश और चक्रवाती गतिविधियों के प्रभाव से बस्तर संभाग सहित आसपास के राज्यों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जिले में बहने वाली इंद्रावती नदी के जलस्तर में भारी बढ़ोतरी तथा पड़ोसी राज्य ओडिशा के बांधों से लगातार छोड़े जा रहे पानी के चलते नदी और निचले डुबान क्षेत्रों में जलभराव की गंभीर स्थिति निर्मित हो गई है।
आपदा की इस घड़ी में बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन ने मोर्चा संभालते हुए राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए डुबान क्षेत्रों में बनाए गए राहत शिविरों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है, जिसमें स्थानीय स्वयंसेवी और सामाजिक संस्थाएं भी कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग दे रही हैं। इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग ने मोर्चा संभालते हुए घाट पदमुर, डुरकीगुड़ा पारा और बस्तर क्षेत्र के कूड़कानार सहित तमाम प्रभावित इलाकों में अपनी टीमें मुस्तैद कर दी हैं।
शहरी क्षेत्र जगदलपुर के राहत शिविरों रह रहे प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 24 घंटे आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं का मजबूत जाल बिछाया है। शहर के हाई स्कूल भैरमगंज, भगतसिंह हाईस्कूल, हाईस्कूल हाट कचोरा, टाउन हॉल, लालबाग मैदान के सामने, कृष्ण मंदिर, शुभ लगन वाटिका, वीर सावरकर चौक, डोंगा घाट हाईवे क्षेत्र और अब्दुल कलाम वार्ड सहित विभिन्न शिविरों में चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की 24×7 ड्यूटी लगाई गई है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मोबाइल मेडिकल यूनिट और एंबुलेंस को अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि जरूरतमंदों को त्वरित प्राथमिक उपचार और दवाएं उपलब्ध कराने के साथ गंभीर मरीजों को तत्काल बड़े अस्पतालों में रेफर किया जा सके। बाढ़ के पश्चात जलजनित और मौसमी बीमारियों की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी लगातार मैदानी स्तर पर सक्रिय हैं।
संयुक्त संचालक डॉ. महेश सांडिया सहित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सी. मैत्री और जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. रीना लक्ष्मी ने विभिन्न शिविरों का भ्रमण कर चिकित्सकीय प्रबंधों, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और स्वच्छता व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने फील्ड स्टाफ को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं ताकि डायरिया, बुखार, उल्टी और अन्य संक्रामक बीमारियों के प्रसार को समय रहते रोका जा सके।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे जलभराव और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें, शिविरों में मिलने वाले निर्देशों का पालन करें तथा पीने के लिए केवल स्वच्छ अथवा उबले पानी का ही प्रयोग करें। किसी भी प्रकार के स्वास्थ्य विकार या मौसमी बीमारी के लक्षण दिखने पर नागरिक तुरंत निकटतम शिविर अथवा तैनात स्वास्थ्य दल से संपर्क कर चिकित्सकीय सहायता प्राप्त कर सकते हैं।