श्रीमती कौषल ने नरवा, गरूआ, घुरवा, बाड़ी विकास कार्यक्रम की अब तक की प्रगति की समीक्षा की
कोरबा :जिले में विकसित हुये गौठानों के आसपास की भूमि पर खेती के लिये बाडि़यॉं विकसित की जायेंगी। इन बाडि़यांे में लगने वाली फसलों के बीज के साथ-साथ खाद और पानी की व्यवस्था भी विभिन्न विभागीय योजनाओं से की जायेगी। बाडि़यों में दलहन-तिलहन के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों की खेती और साग-सब्जी तथा फूलों की खेती की भी योजना है। कलेक्टर श्रीमती किरण कौषल ने आज जिले में नरवा, गरूआ, घुरवा, बाड़ी विकास कार्यक्रम के तहत् अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को जरूरी निर्देष दिये। आज सुबह जिला पंचायत सभाकक्ष में हुई समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने गौठान गांवों में इस वर्ष रबी फसलों के रकबे में बढ़ोत्तरी के लिये भी अधिकारियों को विषेष प्रयास करने के निर्देष दिये। उन्होंने गौठानों और उसके आसपास के पॉंच किलोमीटर की परिधि मंे आने वाले गांवों में कृषि, पषुपालन, उद्यानिकी सहित मछलीपालन की सभी गतिविधियों को एकीकृत रूप में एक साथ संचालित कर किसानों की आय बढ़ाने का सकारात्मक प्रयास करने के निर्देष अधिकारियों को दिये।
रबी मौसम में दस हजार बाडि़यॉं विकसित करने चलेगा बाड़ी आन्दोलन- कलेक्टर श्रीमती कौषल ने चालू रबी मौसम में दस हजार ग्रामीणों के यहॉं नई बाडि़यॉं विकसित करने के लिये अधिकारियों को बाड़ी आन्दोलन चलाने के निर्देष दिये। उन्होंने ग्रामीणों के घरों से लगी बाडि़यों, गौठानांे से लगी बाडि़यांे सहित चारागाहों के आसपास भी बाडि़यॉं बनाकर साग-सब्जी, फूलों की खेती के साथ-साथ मक्का, तिल या सरसों की भी खेती कराने के निर्देष अधिकारियों को दिये। श्रीमती कौषल ने गौठानों से लगी बाडि़यों के लिये सामूहिक नलकूप, सामूहिक फैंसिंग आदि के लिये भी विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देष अधिकारियों को दिये हैं। उन्होंने बाडि़यों में लगने वाली फसलों के बीजों की व्यवस्था पर्याप्त मात्रा में समय पर सुनिष्चित करने के निर्देष दिये। श्रीमती कौषल ने बाडि़यों में गौठानों से उत्पादित कम्पोस्ट- जैविक खाद का उपयोग करने के भी निर्देष अधिकारियों को दिये हैं।
गौठानों में रखी जाये पैरादान पंजी, हर किसान का हो रिकॉर्ड- बैठक में कलेक्टर श्रीमती कौषल फसल कटाई खतम होने के बाद अब गौठानों में पैरादान को अभियान का रूप देने के निर्देष दिये। उन्होंने सभी मैदानी अधिकारियांे को अधिक से अधिक किसानों को पैरादान करने के लिये प्रोत्साहित करने के निर्देष दिये। श्रीमती कौषल ने गौठानांे में पैरादान पंजी रखने के भी निर्देष दिये। इन पंजियों में पैरादान करने वाले किसानों के नाम के साथ-साथ दान किये गये पैरे की मात्रा का भी रिकॉर्ड रखा जायेगा। श्रीमती कौषल ने गौठानों में दान से प्राप्त पैरे की सुरक्षा के लिये पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देष भी अधिकारियों को दिये। श्रीमती कौषल चारे की सुरक्षा के लिये अस्थायी शेड, बाड़ा या घेरा बनाने के भी निर्देष दिये। उन्होंने सभी गौठानों में पानी की अबाध आपूर्ति के लिये विषेष व्यवस्था करने के निर्देष अधिकारियों को दिये। श्रीमती कौषल ने अधिकारियों को निर्देषित किया कि फसल कटाई के बाद किसानों को अधिक से अधिक धान का पैरा गौठानांे में दान करने के लिये प्रेरित किया जाये। उन्होंने गौठानों और चारागाहों में की गई फैंसिंग पर बेल वाली सब्जियॉं जैसे- करेला, कुंदरू, लौकी, गिलकी आदि लगाने के भी निर्देष कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारियांे को दिये।